Follow Us:

सावन के तीसरे सोमवार पर मंदिर में भगदड़, 8 महिलाओं की मौ*त, कई घायल

अशोकधाम मंदिर में भगदड़, 7 महिलाओं की मौत और 12 से ज्यादा घायल

पोल गिरने के बाद करंट फैलने की अफवाह से महिलाओं की लाइन पर बढ़ा भीड़ का दबाव

सावन के तीसरे सोमवार पर करीब 50 हजार श्रद्धालु पहुंचे थे मंदिर


बिहार के लखीसराय में सावन के तीसरे सोमवार को अशोकधाम मंदिर में दर्शन के लिए जुटी भारी भीड़ के बीच भगदड़ मच गई। हादसे में 7 महिलाओं की मौत हो गई, जबकि 12 से ज्यादा श्रद्धालुओं के घायल होने की जानकारी सामने आई है। घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया गया है। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।

हादसा अशोकधाम स्टेशन से मंदिर जाने वाले रास्ते पर हुआ। बताया गया कि सोमवार सुबह मंदिर में जलाभिषेक और दर्शन के लिए करीब 50 हजार श्रद्धालु पहुंचे थे। भक्तों की लंबी कतार मंदिर से अशोकधाम स्टेशन तक पहुंच गई थी।

घायलों को सदर अस्पताल लाया गया।

लखीसराय डीएम शैलेंद्र कुमार के मुताबिक, पुरुषों की लाइन की तरफ अचानक एक बिजली का खंभा गिर गया। इसके बाद वहां यह अफवाह फैल गई कि बिजली की चालू लाइन का तार लोगों के ऊपर गिर गया है। प्रशासन के अनुसार, वह चालू बिजली का तार नहीं बल्कि केबल वायर, यानी डिश या इंटरनेट का तार था।

अफवाह फैलते ही पुरुषों की तरफ से भीड़ का दबाव महिलाओं की लाइन की ओर बढ़ गया। इसी दौरान महिलाएं एक-दूसरे पर गिरने लगीं और भगदड़ की स्थिति बन गई। देखते ही देखते बैरिकेडिंग टूट गई और कई लोग जमीन पर गिर गए।

हादसे में 7 महिलाओं की मौत हो गई है।

डीएम ने बताया कि पुलिस और प्रशासन की टीम सुबह करीब 3 बजे से ही मौके पर मौजूद थी। उनके अनुसार, हादसा बेहद कम समय में हुआ और करीब दो मिनट के भीतर स्थिति बेकाबू हो गई। अधिकारियों को सदर अस्पताल में तैनात किया गया है।

हादसे में जान गंवाने वाली सभी महिलाएं हैं। अब तक चार मृतकों की पहचान हुई है। इनमें लखीसराय की मधुबाला देवी, मनमाला देवी और हेमलता देवी तथा मुंगेर की रिंकू देवी शामिल हैं।

घायलों में लखीसराय की मौसम कुमारी, मुस्कान कुमारी, ममता देवी, रीना कुमारी और शिवानी कुमारी शामिल हैं। इसके अलावा पटना के मोकामा की विमला देवी और बाढ़ की कबीला देवी समेत अन्य श्रद्धालुओं का भी इलाज चल रहा है।

भगदड़ की वजह से बैरिकेडिंग टूट गई। लोग दूसरे रास्ते से जाते दिखे।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भीड़ के बीच अचानक पोल गिरने और करंट लगने की बात फैल गई। इसके बाद लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। पीछे से आए भीड़ के दबाव के कारण कई महिलाएं गिर गईं और उनके ऊपर अन्य श्रद्धालु भी गिरते चले गए।

घायल श्रद्धालु मुस्कान ने बताया कि वह सुबह करीब 5 बजे पूजा के लिए घर से निकली थीं। उनके मुताबिक, मंदिर की लाइन एक किलोमीटर से ज्यादा लंबी थी। पोल गिरने के बाद करंट फैलने का शोर हुआ और इसके बाद भगदड़ मच गई।

एक अन्य घायल महिला ने बताया कि भीड़ बहुत ज्यादा थी। बगल के खेत में पोल गिरा था और तार भी टूटा हुआ था। महिला के मुताबिक, करंट की चपेट में आने के बाद वह बेहोश हो गई।

वहीं एक प्रत्यक्षदर्शी महिला ने बताया कि वह पूजा के लिए लाइन में खड़ी थीं। अचानक पीछे से धक्का आया और वह गिर गईं। कुछ समय के लिए वह बेहोश हो गई थीं।

SDPO शिवम कुमार ने शुरुआती जानकारी में कहा कि बिजली का एक खंभा गिरने के बाद लोग बिजली की चपेट में आने की बात कह रहे थे और इसी वजह से भगदड़ जैसी स्थिति बनी। उन्होंने कहा कि घटना की पूरी जांच के बाद ही हादसे की सही वजह स्पष्ट हो सकेगी।

हादसे के बाद घायलों को एंबुलेंस के जरिए सदर अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर मौजूद हैं और घटना से जुड़े पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लखीसराय में भगदड़ में हुई मौतों पर दुख जताया है। प्रशासन की ओर से राहत और उपचार से जुड़ी कार्रवाई जारी है।

यह घटना ऐसे समय हुई है जब बिहार में कुछ महीने पहले भी एक मंदिर में बड़ी भगदड़ हुई थी। 31 मार्च को नालंदा के मघड़ा शीतला मंदिर में चैत्र के आखिरी मंगलवार के दौरान 25 हजार से ज्यादा श्रद्धालु जुटे थे। दर्शन की जल्दी में धक्का-मुक्की के बाद वहां भगदड़ मच गई थी, जिसमें 8 महिलाओं समेत 9 लोगों की मौत हुई थी।